दिन और रात की अवधियाँ

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चौघड़िया

दिन में आठ और रात में आठ अवधियाँ। ये आपके स्थान के वास्तविक सूर्योदय और सूर्यास्त से बाँटी जाती हैं, इसलिए ऋतु के साथ चलती हैं, घड़ी के साथ नहीं।

जगह और तारीख

स्थान
परभणी
तारीख़
9 सितंबर 2026

सूर्योदय

6:09 AM

सूर्यास्त

6:31 PM

प्रत्येक दिन-अवधि

93 min

दिन

सूर्योदय से सूर्यास्त तक, आठ हिस्सों में

लाभअनुकूल6:09 AM7:42 AM
अमृतअनुकूल7:42 AM9:15 AM
कालटाला जाता है9:15 AM10:47 AM
शुभअनुकूल10:47 AM12:20 PM
रोगटाला जाता है12:20 PM1:53 PM
उद्वेगटाला जाता है1:53 PM3:26 PM
चलसामान्य3:26 PM4:58 PM
लाभअनुकूल4:58 PM6:31 PM

रात

सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक, आठ हिस्सों में

उद्वेगटाला जाता है6:31 PM7:58 PM
शुभअनुकूल7:58 PM9:26 PM
अमृतअनुकूल9:26 PM10:53 PM
चलसामान्य10:53 PM12:20 AM
रोगटाला जाता है12:20 AM1:48 AM
कालटाला जाता है1:48 AM3:15 AM
लाभअनुकूल3:15 AM4:42 AM
उद्वेगटाला जाता है4:42 AM6:10 AM

इस दिन का पूरा पंचांग देखें

यही तारीख़, यही जगह — तिथि, नक्षत्र, राहु काल और बाक़ी पूरा पंचांग।

पंचांग

अवधियाँ 90 मिनट की क्यों नहीं होतीं?

दिन और रात, दोनों को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है, पर अलग-अलग। विषुव से दूर हटते ही दोनों अवधियाँ अलग लंबाई की हो जाती हैं। इसलिए एक ही तारीख़ का दिन चौघड़िया और रात चौघड़िया शायद ही कभी बराबर होते हैं। घड़ी के बजाय सूर्योदय से बाँटना ही इस पद्धति का पूरा सार है। और इसीलिए शहर बदलते ही उत्तर बदल जाता है।

शुभ, सम, त्याज्य

अमृत, शुभ और लाभ परंपरा में शुभ माने जाते हैं। चल सम है। उद्वेग, काल और रोग वे हैं जिनसे लोग बचकर समय तय करते हैं। ये नाम परंपरा से आए हैं और वार से तय होते हैं। ये आकाश देखकर नहीं पढ़े जाते। विभाजन स्वयं सटीक है। नामकरण विरासत में मिला है।

अन्य साधन