दो कुंडलियों की तुलना
दो कुंडलियाँ, एक पर एक।
एक कुंडली का हर ग्रह दूसरी के हर ग्रह के सामने नापा गया — 144 युग्म, न कि किसी एक कुंडली के 66। कोण सटीक हैं; उनका अर्थ आपको पढ़ना है।
सिनैस्ट्री क्या नापती है
एक कुंडली दूसरी पर रखी जाती है और एक व्यक्ति के ग्रहों तथा दूसरे के ग्रहों के बीच हर कोण नापा जाता है। जहाँ कोण इनमें से किसी मान के पास पहुँचता है, वहाँ उस युग्म को दृष्टि-संबंध में कहा जाता है। यहाँ कुछ भी अंक नहीं है — दृष्टि या तो अपनी कक्षा के भीतर बनती है, या नहीं बनती।
| दृष्टि | कोण | परंपरा में इसे माना जाता है |
|---|---|---|
| युति | 0° | दोनों ग्रह एक होकर काम करते हैं। अपने आप में न आसान, न कठिन। |
| षष्ठांश | 60° | ऐसा मौका जो अपने आप नहीं आता, उठाना पड़ता है। |
| चतुष्कोण | 90° | रगड़। शास्त्र इसे ऐसा खिंचाव मानते हैं जो हिलने पर मजबूर करता है। |
| त्रिकोण | 120° | आसानी — इतनी कि उसकी कद्र होनी बंद हो जाए। |
| समसप्तक | 180° | दो तरफ़ खिंचाव — अक्सर आकर्षण और तनाव साथ-साथ। |
सिनैस्ट्री या कुंडली मिलान?
सिनैस्ट्री — यही पृष्ठ
पाश्चात्य, सायन, और दृष्टि पर आधारित। दोनों कुंडलियों के हर ग्रह का उपयोग करती है, इसलिए दो सही जन्म समय चाहिए। परिणाम संपर्कों की सूची है, कोई संख्या नहीं।
वैदिक, निरयन, और लगभग पूरी तरह दोनों चंद्रमाओं पर आधारित। 36 में से अंक देता है। भारतीय परिवार असल में यही माँगते हैं, और यह एक सँकरे सवाल का उत्तर देता है।
ये दोनों लगातार असहमत रहते हैं, और यह किसी की भी कमी नहीं है। दोनों अलग राशिचक्र, अलग ग्रह और अलग नियम इस्तेमाल करते हैं। सहमति ही अचरज की बात होती।
कोई अनुकूलता प्रतिशत नहीं
दो कुंडलियों में शुक्र–मंगल त्रिकोण या तो है या नहीं — इतना गणित है। उसे एक प्रतिशत में बदलना ऐसी सटीकता का दावा करता है जो इस पद्धति में है ही नहीं, और लोग उन्हीं संख्याओं पर असली फ़ैसले लेते हैं।
हल किया हुआ उदाहरण
दो कुंडलियों में असल में क्या साझा है?
दो तय नमूना समय: 15 अगस्त 1990, मुंबई और 22 मार्च 1992, पुणे। इंजन एक कुंडली के हर ग्रह और दूसरी के हर ग्रह के बीच का कोण नापता है।
| क्या | गणना से |
|---|---|
| कुल दृष्टि-कोण | 49 |
| सबसे नज़दीकी कोण | प्लूटो चतुष्कोण शनि 90° · 0.02° |
| निजी ग्रहों में सबसे नज़दीकी | बुध षष्ठांश चंद्र 60° · 0.40° |
यह एक तय किया हुआ नमूना समय है, किसी की असली कुंडली नहीं। ये अंक उसी इंजन से निकले हैं जिससे आपके अपने जन्म विवरण जाते, इसलिए हर बार एक जैसे ही रहेंगे। इस समय की पूरी गणना देखिए →
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- Parker’s AstrologyJulia and Derek Parkerचित्रों सहित और संदर्भ-ग्रंथ जैसी। शुरू से आख़िर तक पढ़ने के बजाय कुंडली के साथ रखकर देखने में उपयोगी।