आपकी जन्म कुंडली, निरयन गणना से।
वही जन्म-क्षण, निरयन राशिचक्र में लाहिड़ी अयनांश के साथ पढ़ा गया। यही वैदिक ज्योतिष का मानक है। हर ग्रह का नक्षत्र और पाद भी इसमें मिलता है।
अपनी कुंडली बनाइए
यह कुंडली पूर्ण राशि भाव और लाहिड़ी अयनांश से बनती है। दोनों वैदिक मानक हैं।
अयनांश क्या करता है?
निरयन राशिचक्र तारों से बँधा है; सायन विषुव से। विषुव नक्षत्रों में पीछे की ओर लगभग 50 विकला प्रति वर्ष की गति से खिसकता है, इसलिए दोनों अलग हो चुके हैं। इन दोनों के बीच का अंतर ही अयनांश है, और यह इस समय लगभग 24° है।
हम इसे लाहिड़ी (चित्रपक्ष) परिभाषा से घटाते हैं, जो भारत सरकार का मानक है। हर कुंडली पृष्ठ आपकी तिथि के लिए लगाया गया सटीक मान दिखाता है, इसलिए कुछ छिपा नहीं है। यही एक घटाव है जिसके कारण वृषभ के आरंभ में बैठा पाश्चात्य सूर्य वैदिक गणना में मेष के अंत में आ जाता है।
नक्षत्र और पाद क्या हैं?
राशिचक्र को 27 चंद्र-भवनों में भी बाँटा गया है, हर एक ठीक 13°20′ का, और हर एक चार पादों में बँटा। आपके चंद्रमा का नक्षत्र विंशोत्तरी दशा और अष्टकूट मिलान, दोनों का आधार है। इसलिए वैदिक परंपरा में यह सूर्य राशि से अधिक महत्व रखता है।
सत्ताईस नक्षत्र, क्रम से
- 01अश्विनी
- 02भरणी
- 03कृत्तिका
- 04रोहिणी
- 05मृगशिरा
- 06आर्द्रा
- 07पुनर्वसु
- 08पुष्य
- 09आश्लेषा
- 10मघा
- 11पूर्व फाल्गुनी
- 12उत्तर फाल्गुनी
- 13हस्त
- 14चित्रा
- 15स्वाति
- 16विशाखा
- 17अनुराधा
- 18ज्येष्ठा
- 19मूल
- 20पूर्व आषाढ़ा
- 21उत्तर आषाढ़ा
- 22श्रवण
- 23धनिष्ठा
- 24शतभिषा
- 25पूर्व भाद्रपद
- 26उत्तर भाद्रपद
- 27रेवती
बारह राशियाँ
राशि, चिह्न का संस्कृत नाम है। यहाँ की कुंडलियाँ दोनों नाम छापती हैं, ताकि वही स्थिति उस भाषा में पढ़ी जा सके जिसकी आपको आदत है।
| # | राशि (संस्कृत) | पश्चिमी राशि | राशि स्वामी |
|---|---|---|---|
| 01 | मेष | Aries | मंगल |
| 02 | वृषभ | Taurus | शुक्र |
| 03 | मिथुन | Gemini | बुध |
| 04 | कर्क | Cancer | चंद्र |
| 05 | सिंह | Leo | सूर्य |
| 06 | कन्या | Virgo | बुध |
| 07 | तुला | Libra | शुक्र |
| 08 | वृश्चिक | Scorpio | मंगल |
| 09 | धनु | Sagittarius | गुरु |
| 10 | मकर | Capricorn | शनि |
| 11 | कुंभ | Aquarius | शनि |
| 12 | मीन | Pisces | गुरु |
पूर्ण राशि भाव
वैदिक परंपरा लग्न वाली पूरी राशि को पहला भाव मानती है। अगली राशि दूसरा भाव, और इसी क्रम में आगे। असमान संधियाँ नहीं। यहाँ यही मानक है। तुलना करनी हो तो आप समान या पोरफ़िरी भाव चुन सकते हैं, हालाँकि कुंडली के लिए यह चलन से हटकर है।
आगे पढ़ना चाहें तो
केवल पुस्तकें, क्योंकि यहाँ से कमाने के लिए हम बस यही स्वीकार करते हैं। हम रत्न, यंत्र या पूजा के लिंक नहीं देते। वे उसी डर के सहारे बेचे जाते हैं जो इस जैसा पृष्ठ पैदा कर सकता है, और ऐसा न करना एक वादा है जो किया गया है परिचय पृष्ठ पर.
- Light on Life: An Introduction to the Astrology of IndiaHart de Fouw and Robert Svobodaअंग्रेज़ी में गंभीरता से पढ़ने वालों को सबसे पहले यही सुझाई जाती है। यह इस बात में सावधान है कि परंपरा क्या कहती है और क्या नहीं।
- Hindu Predictive AstrologyB. V. Ramanगोचर और शास्त्रीय नियमों की मानक पुस्तक। हमने अपनी गोचर तालिकाएँ इसी के गोचरफल अध्याय से मिलाकर जाँची हैं।
- Brihat Parashara Hora Shastratranslated by R. Santhanamवह मूल ग्रंथ जिससे वैदिक ज्योतिष का लगभग सब कुछ निकला है। पढ़ने में कठिन, पर अगर किसी नियम को मूल में जाँचना हो तो रखने लायक़।
एक नज़र में
- एफ़ेमेरिस
- VSOP87 और ब्राउन की चंद्र-गणना
- अयनांश
- लाहिड़ी, भारत सरकार का मानक
- राशिचक्र
- निरयन
- भाव
- पूर्ण राशि, तुलना के लिए समान और पोर्फिरी भी
- सटीकता
- नासा JPL Horizons से 10 आर्कसेकंड के भीतर
- ग्रह
- नौ ग्रह, राहु और केतु सहित
- पंजीकरण
- कोई नहीं
- हम क्या सहेजते हैं
- कुछ नहीं। आपका परिणाम URL में रहता है
- भाषाएँ
- अंग्रेज़ी और हिंदी
- कीमत
- निःशुल्क
कुंडली पर आम सवाल
कुंडली क्या है?
कुंडली इस बात का नक्शा है कि आपके जन्म के समय और जगह पर ग्रह कहाँ थे। इसे लग्न के चारों ओर बारह भावों में बनाया जाता है, और इसका सब कुछ पृथ्वी के एक बिंदु पर एक ही क्षण से निकलता है।
मैं अपनी कुंडली ऑनलाइन मुफ्त में कैसे बनाऊँ?
इस पेज के फॉर्म में अपनी जन्म तारीख, जन्म समय और जन्म स्थान भरिए। कुंडली वहीं असली खगोलीय गणना से बन जाती है। कहीं साइन-अप नहीं, फोन नंबर नहीं, और किसी भी कदम पर पैसा नहीं।
कुंडली बनाने के लिए क्या जानकारी चाहिए?
तीन चीज़ें: तारीख, समय और जगह। जगह उतनी ही ज़रूरी है जितना समय, क्योंकि उसी से उस साल लागू समय-क्षेत्र तय होता है और वह क्षितिज भी जिससे लग्न नापा जाता है।
कुंडली और राशिफल में क्या फर्क है?
कुंडली आपकी अपनी होती है, आपकी जन्म जानकारी से बनी। अखबार वाला राशिफल बारह राशियों में से एक के नीचे सब लोगों को एक साथ रख देता है। पहला एक व्यक्ति की गणना है, दूसरा एक खाना जिसमें करोड़ों लोग हैं।
यह कुंडली कौन सा अयनांश और भाव पद्धति इस्तेमाल करती है?
लाहिड़ी अयनांश, जो भारत सरकार का मानक है, और पूर्ण-राशि भाव — यानी आम वैदिक सेटिंग। दोनों पेज पर लिखे रहते हैं, अंदाज़े पर नहीं छोड़े जाते, क्योंकि दूसरा अयनांश राशि सीमा के पास की हर स्थिति हिला देता है।
क्या मेरी जन्म जानकारी कहीं रखी जाती है?
नहीं। कुंडली हर बार माँगे जाने पर बनती है और परिणाम पूरी तरह URL में ही रहता है, तो आप उसे सेव कर सकते हैं या किसी को भेज सकते हैं। कोई खाता नहीं है, इसलिए कुछ कहीं लिखा भी नहीं जाता।
अन्य साधन