ग्रह-होरा

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होरा

चौबीस ग्रह-होरा। ये सूर्योदय पर उस वार के अपने स्वामी से शुरू होती हैं और कैल्डियन क्रम में आगे बढ़ती हैं — वही क्रम जिससे वारों को उनके नाम मिले।

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शनि होरा

इन कामों के लिए अच्छा: मेहनत, ज़मीन, लंबे काम

दिन की होरा

बारह, सूर्योदय से सूर्यास्त तक

सूर्य#1
06:2707:28

अधिकार, सरकारी काम

शुक्र#2
07:2808:29

विवाह, कला, खरीदारी

बुध#3
08:2909:29

पढ़ाई, व्यापार, लिखाई

चंद्र#4
09:2910:30

यात्रा, घर-गृहस्थी का काम

शनि#5
10:3011:31

मेहनत, ज़मीन, लंबे काम

गुरु#6
11:3112:32

संस्कार, पढ़ाना, पैसा

मंगल#7
12:3213:33

मुकाबला, शारीरिक मेहनत

सूर्य#8
13:3314:33

अधिकार, सरकारी काम

शुक्र#9
14:3315:34

विवाह, कला, खरीदारी

बुध#10
15:3416:35

पढ़ाई, व्यापार, लिखाई

चंद्र#11
16:3517:36

यात्रा, घर-गृहस्थी का काम

शनिअभी
17:3618:37

मेहनत, ज़मीन, लंबे काम

रात की होरा

बारह, सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक

गुरु#1
18:3719:36

संस्कार, पढ़ाना, पैसा

मंगल#2
19:3620:35

मुकाबला, शारीरिक मेहनत

सूर्य#3
20:3521:34

अधिकार, सरकारी काम

शुक्र#4
21:3422:34

विवाह, कला, खरीदारी

बुध#5
22:3423:33

पढ़ाई, व्यापार, लिखाई

चंद्र#6
23:3300:32

यात्रा, घर-गृहस्थी का काम

शनि#7
00:3201:31

मेहनत, ज़मीन, लंबे काम

गुरु#8
01:3102:30

संस्कार, पढ़ाना, पैसा

मंगल#9
02:3003:30

मुकाबला, शारीरिक मेहनत

सूर्य#10
03:3004:29

अधिकार, सरकारी काम

शुक्र#11
04:2905:28

विवाह, कला, खरीदारी

बुध#12
05:2806:27

पढ़ाई, व्यापार, लिखाई

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पंचांग

वारों के नाम कहाँ से आए

होरा कैल्डियन क्रम में चलते हैं — शनि, गुरु, मंगल, सूर्य, शुक्र, बुध, चंद्र। यह क्रम इस पर है कि आकाश में कौन कितनी तेज़ चलता दिखता है। चौबीस होरा बीतने पर अगला सूर्योदय सात नामों के चक्र में तीन स्थान आगे पड़ता है। ठीक इसीलिए रविवार के बाद सोमवार आता है, शनिवार नहीं। हमारे वारों के नाम इसी तालिका के अवशेष हैं।

साठ मिनट के बराबर नहीं

होरा दिनमान का बारहवाँ भाग है या रात्रिमान का बारहवाँ, इसलिए यह केवल विषुव के आसपास ही साठ मिनट का होता है। दिल्ली में दिसंबर के दिन का होरा पचपन मिनट से कम रहता है, जबकि रात का होरा पैंसठ मिनट से आगे निकल जाता है। हम दोनों की गणना आपके शहर के वास्तविक सूर्योदय और सूर्यास्त से करते हैं, घड़ी को बाँटकर नहीं।

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