दैनिक पंचांग · सूर्योदय से सूर्योदय तक

लॉस एंजेलिस का पंचांग

पाँचों अंग, सूर्य-चंद्र, और हर वह समय जो देखकर काम तय किया जाता है — इसी जगह के लिए गणना किए गए, किसी राष्ट्रीय पंचांग से छापे हुए नहीं।

जगह और तारीख

स्थान
लॉस एंजेलिस
तिथि
9 सितंबर 2026

बुधवार, 9 सितंबर 2026 · लॉस एंजेलिस, California

कृष्ण पक्ष, चतुर्दशी · मघा

शक 1948 का श्रावण मास। सूर्योदय 6:32 AM, सूर्यास्त 7:08 PM तिथि 10:04 PM पर अमावस्या में बदल जाती है।

राहु काल 12:50 PM – 2:24 PM — डेढ़ घंटा, जिसे छोड़ देना बेहतर है

अभिजित:12:25 PM – 1:15 PM
ब्रह्म:5:01 AM – 5:47 AM
यमगंड:8:07 AM – 9:41 AM

आज रात का चंद्रमा

घटता हुआ, 3% प्रकाशित

श्रावण वद चतुर्दशी

6:38 AM, 11 सित॰ तक सिंह राशि में

01 · दिन, घंटे दर घंटे

पूरा दिन, शुरू से आख़िर तक

उस दिन सूर्य का रास्ता, और कौन से हिस्से देखकर काम तय करना है

दिन के आठ हिस्से

सूर्योदय से सूर्यास्त तक 12 घं 35 मि का समय है, और परंपरा इसे 1 घं 34 मि के आठ बराबर हिस्सों में बाँटती है। इनमें से तीन ऐसे हैं जिन्हें छोड़ देना चाहिए — कौन से तीन, यह वार पर निर्भर करता है।

  • 16:32 AM8:07 AMलाभसाफ़ — सूर्योदय के बाद का पहला खुला हिस्सा।अनुकूल
  • 28:07 AM9:41 AMअमृतयमगंड — शुरुआत और यात्रा के लिए टाला जाता है।टालिए
  • 39:41 AM11:15 AMकालसाफ़ — सुबह का आख़िरी खुला हिस्सा।अनुकूल
  • 411:15 AM12:50 PMशुभगुलिक — जो काम टिकना चाहिए, उसके लिए टाला जाता है।टालिए
  • 512:50 PM2:24 PMरोगराहु काल — तीनों में सबसे भारी — कोई नया काम शुरू नहीं।टालिए
  • 62:24 PM3:59 PMउद्वेगसाफ़ — राहु काल बीत गया, फिर से खुला है।अनुकूल
  • 73:59 PM5:33 PMचलसाफ़ — परंपरा में इस हिस्से पर कोई आपत्ति नहीं है।अनुकूल
  • 85:33 PM7:08 PMलाभसाफ़ — खुला है, सूर्यास्त तक।अनुकूल

02 · दिन के आठ भाग

चौघड़िया

ये हिस्से यहीं क्यों पड़ते हैं

दिन को आठ और रात को आठ हिस्सों में बाँटा जाता है, अलग-अलग। दोनों की लंबाई शायद ही कभी बराबर होती है। इसलिए एक ही तारीख़ का दिन-हिस्सा और रात-हिस्सा आम तौर पर अलग होते हैं — यहाँ 1 घं 34 मि और 1 घं 26 मि

सूर्योदय से सूर्यास्त तक

  • 16:32 AM8:07 AMलाभलाभ का समय, अनुकूल गिना जाता है।अनुकूल
  • 28:07 AM9:41 AMअमृतअमृत का समय, आठों में सबसे अच्छा।अनुकूल
  • 39:41 AM11:15 AMकालसमय का दबाव माना जाता है — परंपरा इसे छोड़ देती है।टाला जाता है
  • 411:15 AM12:50 PMशुभनाम का अर्थ ही शुभ है, और तालिका इसे वैसे ही गिनती है।अनुकूल
  • 512:50 PM2:24 PMरोगरोग का समय माना जाता है — परंपरा इसे छोड़ देती है।टाला जाता है
  • 62:24 PM3:59 PMउद्वेगबेचैनी का समय माना जाता है — परंपरा इसे छोड़ देती है।टाला जाता है
  • 73:59 PM5:33 PMचलचलने-फिरने का समय, सामान्य गिना जाता है।सामान्य
  • 85:33 PM7:08 PMलाभलाभ का समय, अनुकूल गिना जाता है।अनुकूल

सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक

  • 17:08 PM8:33 PMउद्वेगबेचैनी का समय माना जाता है — परंपरा इसे छोड़ देती है।टाला जाता है
  • 28:33 PM9:59 PMशुभनाम का अर्थ ही शुभ है, और तालिका इसे वैसे ही गिनती है।अनुकूल
  • 39:59 PM11:25 PMअमृतअमृत का समय, आठों में सबसे अच्छा।अनुकूल
  • 411:25 PM12:50 AM, 10 सित॰चलचलने-फिरने का समय, सामान्य गिना जाता है।सामान्य
  • 512:50 AM2:16 AM, 10 सित॰रोगरोग का समय माना जाता है — परंपरा इसे छोड़ देती है।टाला जाता है
  • 62:16 AM3:42 AM, 10 सित॰कालसमय का दबाव माना जाता है — परंपरा इसे छोड़ देती है।टाला जाता है
  • 73:42 AM5:07 AM, 10 सित॰लाभलाभ का समय, अनुकूल गिना जाता है।अनुकूल
  • 85:07 AM6:33 AM, 10 सित॰उद्वेगबेचैनी का समय माना जाता है — परंपरा इसे छोड़ देती है।टाला जाता है

03 · उदय और अस्त

सूर्य और चंद्र

सूर्योदय

6:32 AM

सूर्यास्त

7:08 PM

चंद्रोदय

6:02 AM

चंद्रास्त

6:24 PM

दिनमान

12 घं 35 मि

रात्रिमान

11 घं 25 मि

04 · तिथि, नक्षत्र, योग, करण, वार

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग यानी पाँच अंग। हर अंग आकाश का एक हिस्सा है जो एक गिने हुए क्षण पर खत्म होता है। पट्टी बताती है कि अभी वाला कितना बीत चुका है।

  • तिथि

    30 में से 29

    कृष्ण पक्ष · चतुर्दशी

    तक 10:04 PM

    • चल रहाचतुर्दशी12:01 AM10:04 PM
    • अगलाअमावस्या10:04 PM8:27 PM, 10 सित॰

    सूर्य और चंद्र के बीच 12° का अंतर। यही चंद्र दिवस है।

  • नक्षत्र

    27 में से 10 · पद 1

    मघा

    तक 1:34 AM, 10 सित॰

    • चल रहामघा2:44 AM1:34 AM, 10 सित॰
    • अगलापूर्व फाल्गुनी1:34 AM, 10 सित॰12:46 AM, 11 सित॰

    वह नक्षत्र जिससे चंद्रमा गुज़र रहा है — राशिचक्र का 13°20′ भाग।

  • योग

    27 में से 20

    शिव

    तक 9:21 AM

    • चल रहाशिव12:09 PM, 8 सित॰9:21 AM
    • अगलासिद्ध9:21 AM6:47 AM, 10 सित॰

    सूर्य और चंद्र के अंश जोड़कर, उसी प्रकार विभाजित किए गए।

  • करण

    60 में से 57

    विष्टि

    तक 11:00 AM

    • चल रहाविष्टि12:01 AM11:00 AM
    • अगलाशकुनि11:00 AM10:04 PM

    तिथि का आधा भाग। प्रत्येक तिथि में दो करण आते हैं।

  • वार

    बुधवार

    बुधवार

    सूर्योदय से सूर्योदय तक

    • चल रहाबुधवार6:32 AM6:32 AM, 10 सित॰
    • अगलागुरुवार6:32 AM, 10 सित॰6:32 AM, 11 सित॰

    वार, जो मध्यरात्रि से नहीं बल्कि सूर्योदय से गिना जाता है।

चंद्र

सिंह

तक 6:38 AM, 11 सित॰ · फिर कन्या

चंद्रमा एक राशि लगभग सवा दो दिन में पार करता है। वैदिक ज्योतिष इसी राशि को आपकी मुख्य राशि मानता है।

सूर्य

सिंह (Leo)

तक 7:14 PM, 16 सित॰ · फिर कन्या

सूर्य महीने में एक बार राशि बदलता है, जिसे संक्रांति कहते हैं। इसी संक्रांति से चंद्रमास का नाम तय होता है।

05 · हिंदू पंचांग की तारीख

वैदिक तिथि

चंद्रमास

श्रावण

अमांत · अमावस्या से अमावस्या तक

पक्ष

कृष्ण पक्ष

कृष्ण पक्ष

ऋतु

वर्षा

बरसात

अयन

दक्षिणायन

सूर्य दक्षिण की ओर

विक्रम संवत

2083

उत्तर भारतीय गणना

शक संवत

1948

राष्ट्रीय संवत

हर शहर का पंचांग अलग क्यों होता है?

तिथि, नक्षत्र और योग केवल समय पर निर्भर हैं, इसलिए इनके समाप्ति समय पूरे विश्व में समान रहते हैं। सूर्योदय से जुड़ी हर गणना ऐसी नहीं है। वैदिक दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है, और सूर्योदय अक्षांश-देशांतर पर निर्भर करता है। दो शहरों में एक ही घड़ी के समय अलग-अलग तिथि हो सकती है, और उनका राहु काल एक घंटे से अधिक भिन्न होगा। स्थान के बिना पंचांग वास्तव में पंचांग नहीं है।

किसी पंचांग से छापा हुआ नहीं

इस पेज का हर आँकड़ा इसी तारीख और इन्हीं निर्देशांकों के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है, और फिर JPL Horizons से मिलाकर देखा गया है। छपा हुआ पंचांग पूरे इलाके के लिए मिनट तक गोल कर देता है। यह एक बिंदु के लिए सेकंड तक निकलता है। इसलिए कागज़ी पंचांग से थोड़ा फ़र्क होना स्वाभाविक है, और जाँच आप हमारी कर सकते हैं।

यही दिन अपनी कुंडली के हिसाब से देखना है?

आपका जन्म क्षण आज के गोचर को आपके लिए ख़ास बना देता है। मुफ़्त, बिना खाता बनाए, हमारी तरफ़ कुछ भी सहेजे बिना।

कुंडली बनाइए