दैनिक पंचांग · सूर्योदय से सूर्योदय तक

प्रिटोरिया का पंचांग

पाँचों अंग, सूर्य-चंद्र, और हर वह समय जो देखकर काम तय किया जाता है — इसी जगह के लिए गणना किए गए, किसी राष्ट्रीय पंचांग से छापे हुए नहीं।

जगह और तारीख

स्थान
प्रिटोरिया
तिथि
23 सितंबर 2026

बुधवार, 23 सितंबर 2026 · प्रिटोरिया, Gauteng

शुक्ल पक्ष, द्वादशी · धनिष्ठा

शक 1948 का भाद्रपद मास। सूर्योदय 5:56 AM, सूर्यास्त 6:04 PM तिथि 7:21 PM पर त्रयोदशी में बदल जाती है।

राहु काल 12:00 PM – 1:31 PM — डेढ़ घंटा, जिसे छोड़ देना बेहतर है

अभिजित:11:36 AM – 12:24 PM
ब्रह्म:4:21 AM – 5:08 AM
यमगंड:7:27 AM – 8:58 AM

आज रात का चंद्रमा

बढ़ता हुआ, 87% प्रकाशित

भाद्रपद सुद द्वादशी

6:26 PM तक मकर राशि में

01 · दिन, घंटे दर घंटे

पूरा दिन, शुरू से आख़िर तक

सूर्य इस समय कहाँ है, और दिन के कौन से हिस्से देखकर काम तय करना है

दिन के आठ हिस्से

सूर्योदय से सूर्यास्त तक 12 घं 8 मि का समय है, और परंपरा इसे 1 घं 31 मि के आठ बराबर हिस्सों में बाँटती है। इनमें से तीन ऐसे हैं जिन्हें छोड़ देना चाहिए — कौन से तीन, यह वार पर निर्भर करता है।

दिन का 6 घं 29 मि बाकी

  • 15:56 AM7:27 AMलाभसाफ़ — सूर्योदय के बाद का पहला खुला हिस्सा।अनुकूल
  • 27:27 AM8:58 AMअमृतयमगंड — शुरुआत और यात्रा के लिए टाला जाता है।टालिए
  • 38:58 AM10:29 AMकालसाफ़ — सुबह का आख़िरी खुला हिस्सा।अनुकूल
  • 410:29 AM12:00 PMशुभगुलिक — जो काम टिकना चाहिए, उसके लिए टाला जाता है।अभी
  • 512:00 PM1:31 PMरोगराहु काल — तीनों में सबसे भारी — कोई नया काम शुरू नहीं।टालिए
  • 61:31 PM3:02 PMउद्वेगसाफ़ — खुला है, और आज बचा हुआ काम लायक समय यही है।अनुकूल
  • 73:02 PM4:33 PMचलसाफ़ — परंपरा में इस हिस्से पर कोई आपत्ति नहीं है।अनुकूल
  • 84:33 PM6:04 PMलाभसाफ़ — खुला है, सूर्यास्त तक।अनुकूल

02 · दिन के आठ भाग

चौघड़िया

ये हिस्से यहीं क्यों पड़ते हैं

दिन को आठ और रात को आठ हिस्सों में बाँटा जाता है, अलग-अलग। दोनों की लंबाई शायद ही कभी बराबर होती है। इसलिए एक ही तारीख़ का दिन-हिस्सा और रात-हिस्सा आम तौर पर अलग होते हैं — यहाँ 1 घं 31 मि और 1 घं 29 मि

सूर्योदय से सूर्यास्त तक

  • 15:56 AM7:27 AMलाभलाभ का समय, अनुकूल गिना जाता है।अनुकूल
  • 27:27 AM8:58 AMअमृतअमृत का समय, आठों में सबसे अच्छा।अनुकूल
  • 38:58 AM10:29 AMकालसमय का दबाव माना जाता है — परंपरा इसे छोड़ देती है।टाला जाता है
  • 410:29 AM12:00 PMशुभनाम का अर्थ ही शुभ है, और तालिका इसे वैसे ही गिनती है।अभी
  • 512:00 PM1:31 PMरोगरोग का समय माना जाता है — परंपरा इसे छोड़ देती है।टाला जाता है
  • 61:31 PM3:02 PMउद्वेगबेचैनी का समय माना जाता है — परंपरा इसे छोड़ देती है।टाला जाता है
  • 73:02 PM4:33 PMचलचलने-फिरने का समय, सामान्य गिना जाता है।सामान्य
  • 84:33 PM6:04 PMलाभलाभ का समय, अनुकूल गिना जाता है।अनुकूल

सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक

  • 16:04 PM7:33 PMउद्वेगबेचैनी का समय माना जाता है — परंपरा इसे छोड़ देती है।टाला जाता है
  • 27:33 PM9:02 PMशुभनाम का अर्थ ही शुभ है, और तालिका इसे वैसे ही गिनती है।अनुकूल
  • 39:02 PM10:30 PMअमृतअमृत का समय, आठों में सबसे अच्छा।अनुकूल
  • 410:30 PM11:59 PMचलचलने-फिरने का समय, सामान्य गिना जाता है।सामान्य
  • 511:59 PM1:28 AM, 24 सित॰रोगरोग का समय माना जाता है — परंपरा इसे छोड़ देती है।टाला जाता है
  • 61:28 AM2:57 AM, 24 सित॰कालसमय का दबाव माना जाता है — परंपरा इसे छोड़ देती है।टाला जाता है
  • 72:57 AM4:26 AM, 24 सित॰लाभलाभ का समय, अनुकूल गिना जाता है।अनुकूल
  • 84:26 AM5:55 AM, 24 सित॰उद्वेगबेचैनी का समय माना जाता है — परंपरा इसे छोड़ देती है।टाला जाता है

03 · उदय और अस्त

सूर्य और चंद्र

सूर्योदय

5:56 AM

सूर्यास्त

6:04 PM

चंद्रोदय

3:10 PM

चंद्रास्त

4:24 AM

दिनमान

12 घं 8 मि

रात्रिमान

11 घं 51 मि

04 · तिथि, नक्षत्र, योग, करण, वार

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग यानी पाँच अंग। हर अंग आकाश का एक हिस्सा है जो एक गिने हुए क्षण पर खत्म होता है। पट्टी बताती है कि अभी वाला कितना बीत चुका है।

  • तिथि

    30 में से 12

    शुक्ल पक्ष · द्वादशी

    तक 7:21 PM

    • चल रहाद्वादशी6:14 PM, 22 सित॰7:21 PM
    • अगलात्रयोदशी7:21 PM7:49 PM, 24 सित॰

    सूर्य और चंद्र के बीच 12° का अंतर। यही चंद्र दिवस है।

  • नक्षत्र

    27 में से 23 · पद 1

    धनिष्ठा

    तक 7:05 AM, 24 सित॰

    • चल रहाधनिष्ठा5:38 AM7:05 AM, 24 सित॰
    • अगलाशतभिषा7:05 AM, 24 सित॰7:52 AM, 25 सित॰

    वह नक्षत्र जिससे चंद्रमा गुज़र रहा है — राशिचक्र का 13°20′ भाग।

  • योग

    27 में से 7

    सुकर्मा

    तक 12:56 PM

    • चल रहासुकर्मा12:58 PM, 22 सित॰12:56 PM
    • अगलाधृति12:56 PM12:23 PM, 24 सित॰

    सूर्य और चंद्र के अंश जोड़कर, उसी प्रकार विभाजित किए गए।

  • करण

    60 में से 23

    बव

    तक 6:52 AM

    • चल रहाबव6:14 PM, 22 सित॰6:52 AM
    • अगलाबालव6:52 AM7:21 PM

    तिथि का आधा भाग। प्रत्येक तिथि में दो करण आते हैं।

  • वार

    बुधवार

    बुधवार

    सूर्योदय से सूर्योदय तक

    • चल रहाबुधवार5:56 AM5:56 AM, 24 सित॰
    • अगलागुरुवार5:56 AM, 24 सित॰5:56 AM, 25 सित॰

    वार, जो मध्यरात्रि से नहीं बल्कि सूर्योदय से गिना जाता है।

चंद्र

मकर

तक 6:26 PM · फिर कुंभ

चंद्रमा एक राशि लगभग सवा दो दिन में पार करता है। वैदिक ज्योतिष इसी राशि को आपकी मुख्य राशि मानता है।

सूर्य

कन्या (Virgo)

तक 4:13 PM, 17 अक्टू॰ · फिर तुला

सूर्य महीने में एक बार राशि बदलता है, जिसे संक्रांति कहते हैं। इसी संक्रांति से चंद्रमास का नाम तय होता है।

05 · हिंदू पंचांग की तारीख

वैदिक तिथि

चंद्रमास

भाद्रपद

अमांत · अमावस्या से अमावस्या तक

पक्ष

शुक्ल पक्ष

शुक्ल पक्ष

ऋतु

शरद

शरद

अयन

दक्षिणायन

सूर्य दक्षिण की ओर

विक्रम संवत

2083

उत्तर भारतीय गणना

शक संवत

1948

राष्ट्रीय संवत

हर शहर का पंचांग अलग क्यों होता है?

तिथि, नक्षत्र और योग केवल समय पर निर्भर हैं, इसलिए इनके समाप्ति समय पूरे विश्व में समान रहते हैं। सूर्योदय से जुड़ी हर गणना ऐसी नहीं है। वैदिक दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है, और सूर्योदय अक्षांश-देशांतर पर निर्भर करता है। दो शहरों में एक ही घड़ी के समय अलग-अलग तिथि हो सकती है, और उनका राहु काल एक घंटे से अधिक भिन्न होगा। स्थान के बिना पंचांग वास्तव में पंचांग नहीं है।

किसी पंचांग से छापा हुआ नहीं

इस पेज का हर आँकड़ा इसी तारीख और इन्हीं निर्देशांकों के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है, और फिर JPL Horizons से मिलाकर देखा गया है। छपा हुआ पंचांग पूरे इलाके के लिए मिनट तक गोल कर देता है। यह एक बिंदु के लिए सेकंड तक निकलता है। इसलिए कागज़ी पंचांग से थोड़ा फ़र्क होना स्वाभाविक है, और जाँच आप हमारी कर सकते हैं।

यही दिन अपनी कुंडली के हिसाब से देखना है?

आपका जन्म क्षण आज के गोचर को आपके लिए ख़ास बना देता है। मुफ़्त, बिना खाता बनाए, हमारी तरफ़ कुछ भी सहेजे बिना।

कुंडली बनाइए