कुंभ·Aquarius

कुंभ कल

21 सितंबर 2026

  • तत्ववायु
  • गुणस्थिर
  • स्वामीशनि
  • अंश300°–330°

शास्त्रीय गोचर तालिका आज के बारे में क्या कहती है

1/9 ग्रह अनुकूल
कठिन
आंशिक · 11%

कुंभ से आज 9 में से 1 ग्रह आपके पक्ष में गिने जाते हैं। चंद्रमा उनमें नहीं है, इसलिए आज चंद्रबल नहीं है। यही हिस्सा सबसे तेज़ी से बदलता है। यह बुध 21:57 पर बदलेगा।

3 ग्रह गिने जाते, पर हर एक के जोड़ीदार भाव में कोई दूसरा ग्रह खड़ा है — परंपरा कहती है कि वही फल रोक लेता है।

यह गोचर को आँकता है, आपको नहीं। यह केवल ग्रहों की स्थिति की गिनती है, और यह नहीं बताता कि आपका दिन कैसा जाएगा।

राशि स्वामी

शनि · मीन

18° · वक्री

सूर्य प्रवेश

145 दिन में

अगला वार्षिक गोचर

तिथि

Shukla Paksha · Dashami

पूर्णिमा से पहले का चंद्र · चंद्र मकर में

01 · आज एक नज़र में

समग्र स्थिति

कुंभ से गिनकर, प्रत्येक क्षेत्र को दर्शाने वाले भावों में इस समय कौन-सा ग्रह वास्तव में खड़ा है।

करियर और काम
ध्यान रखिए

बिना चमक वाला काम कीजिए

गुरु आपके छठे भाव में है — परंपरा इस भाव को इनसे जोड़ती है: दैनिक कार्य, दिनचर्या, रोग और ऋण। इसे रुकावट नहीं, गति मानिए — आज महत्वाकांक्षी काम से ज़्यादा दूर स्थिर और साधारण काम जाता है।

यहाँ अनुकूल ग्रह: 2 में से 0शून्य · 0%

गुरु · छठे भाव

पैसा और वित्त
ध्यान रखिए

ख़र्च पर नज़र रखिए

चंद्र आपके बारहवें भाव में है — परंपरा इस भाव को इनसे जोड़ती है: व्यय, विश्राम, त्याग और विदेश-वास। ग़ैर-ज़रूरी ख़र्च पर रुककर सोचना और यह देखना कि क्या-क्या अपने-आप कट रहा है, ठीक रहेगा — इसलिए नहीं कि कुछ आने वाला है, बल्कि इसलिए कि ध्यान देना सस्ता पड़ता है।

यह वित्तीय सलाह नहीं है। न कोई रक़म, न दिशा, न तारीख़।

यहाँ अनुकूल ग्रह: 2 में से 0शून्य · 0%

चंद्र · बारहवें भाव

प्रेम और रिश्ते
ध्यान रखिए

कठिन बात नरमी से कहिए

केतु आपके सातवें भाव में है — परंपरा इस भाव को इनसे जोड़ती है: जीवनसाथी, विवाह और हर वह व्यक्ति जिससे आप आमने-सामने व्यवहार करते हैं। इसे दूरी नहीं, टकराव माना जाता है: बात को घुमाने के बजाय सीधे कहिए, और सामने वाले को पूरी बात कहने दीजिए।

यहाँ अनुकूल ग्रह: 1 में से 0शून्य · 0%

केतु · सातवें भाव

सेहत और ऊर्जा
ध्यान रखिए

दिनचर्या बचाइए

गुरु आपके छठे भाव में है — परंपरा इस भाव को इनसे जोड़ती है: दैनिक कार्य, दिनचर्या, रोग और ऋण। इसे शरीर के बारे में नहीं, गति के बारे में संकेत मानिए: ठीक से आराम कीजिए, भोजन मत छोड़िए, और थकान में काम मत खींचिए।

यह चिकित्सकीय सलाह नहीं है। कुछ ठीक न लगे तो डॉक्टर को दिखाइए — यह रुकने का कारण कभी नहीं है।

यहाँ अनुकूल ग्रह: 5 में से 0शून्य · 0%

गुरु · छठे भाव

आज क्या करें

आज कुंभ से शास्त्रीय तालिका द्वारा आँका गया कोई ग्रह अनुकूल स्थिति में नहीं है।

आज किससे बचें

  • दो दिन रुक जाइए

    चंद्र यहाँ भावनाओं के गरम रहने का संकेत है। आराम और ख़र्च को लेकर आज सब कुछ ज़रूरत से बड़ा लगेगा। अभी कुछ तय करने की ज़रूरत नहीं — चंद्र दो दिन में आगे बढ़ जाता है।

    चंद्र · बारहवें भाव

  • योजना में समय जोड़िए

    शनि देरी और भार का संकेत देता है। पैसा और परिवार में आज आपकी योजना से ज़्यादा समय लगेगा। उससे लड़ने के बजाय अतिरिक्त समय जोड़ लीजिए।

    शनि · दूसरे भाव

  • योजना छोटी रखिए

    गुरु चीज़ों को बड़ा करता है — ख़र्च समेत। काम और सेहत की योजनाएँ उतनी ही रखिए जितनी आप बिना मदद के सँभाल सकें।

    गुरु · छठे भाव

  • बहस टाल दीजिए

    मंगल यहाँ टकराव पढ़ा जाता है। काम और सेहत को लेकर आज बहस आसानी से शुरू होती है। जो आप जीत भी जाएँगे, वह भी उससे महँगी पड़ेगी।

    मंगल · छठे भाव

  • किसी और को सही होने दीजिए

    सूर्य यहाँ किसी और के अधिकार से टकराव पढ़ा जाता है। साझा पैसा पर आज ज़ोर लगाएँगे तो विरोध मिलेगा। पीछे हट जाइए, कुछ नहीं जाएगा।

    सूर्य · आठवें भाव

आज का मंत्र

108 बार जप

कुंभ के स्वामी शनि को परंपरा जो बीज मंत्र देती है।

ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः

oṁ prāṁ prīṁ prauṁ saḥ śanaiścarāya namaḥ

यह इसलिए दिया गया है कि शास्त्र इसे बताते हैं, किसी उपाय के रूप में नहीं। यह साइट उपाय नहीं बेचती, और यह दावा नहीं करती कि मंत्र से आकाश की स्थिति बदलती है।

02 · गणना

गणना

वैदिक · निरयन

हर ग्रह, कुंभ से उसका भाव, और शास्त्रीय गोचर तालिका उस पर क्या कहती है। ऊपर के कार्ड इसी गणना से बने हैं।

ग्रहआपसे भावगोचर मेंगोचर
सूर्यआठवेंKanya 4°प्रतिकूल
चंद्रबारहवेंMakara 0°प्रतिकूल
बुधआठवेंKanya 22°वेध मेंआपके पहले भाव में राहु इसे रोक रहा है
शुक्रनौवेंTula 11°अनुकूल
मंगलछठेKarka 1°वेध मेंआपके नौवें भाव में शुक्र इसे रोक रहा है
गुरुछठेKarka 23°प्रतिकूल
शनिदूसरेMeena 18°प्रतिकूल
राहुपहलेKumbha 4°प्रतिकूल
केतुसातवेंSimha 4°प्रतिकूल

कुछ अनुकूल स्थितियाँ क्यों नहीं गिनी जातीं

शास्त्रीय तालिका का दूसरा आधा हिस्सा भी है। जिस भाव को तालिका अच्छा कहती है, वहाँ बैठा ग्रह भी फल नहीं देता अगर जोड़ीदार भाव में कोई दूसरा ग्रह हो — इसे वेध कहते हैं। शनि आपके तीसरे भाव में अनुकूल है, पर तब नहीं जब बारहवें में कोई ग्रह खड़ा हो। यह गणना नौ ग्रहों पर यही जोड़ी लगाती है।

एक और नियम है, विपरीत वेध, जिसमें वेध किसी कठिन स्थिति को काट देता है। ग्रंथ इसे तालिका के रूप में नहीं, सिद्धांत के रूप में कहते हैं। स्रोत किसी एक तालिका पर सहमत नहीं हैं, इसलिए हम इसे यहाँ नहीं गिनते।

यह आकाश है, आपकी कुंडली नहीं

ऊपर लिखी हर बात इस राशि वाले सभी लोगों के लिए सच है। इसे आपका बनाती है वह स्थिति जहाँ ये ग्रह आपके जन्म के समय थे — और उसके लिए आपकी तिथि, समय और स्थान चाहिए।

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