वृश्चिक·Scorpio

वृश्चिक कल

21 सितंबर 2026

  • तत्वजल
  • गुणस्थिर
  • स्वामीमंगल
  • अंश210°–240°

शास्त्रीय गोचर तालिका आज के बारे में क्या कहती है

2/9 ग्रह अनुकूल
कठिन
आंशिक · 22%

वृश्चिक से आज 9 में से 2 ग्रह आपके पक्ष में गिने जाते हैं। चंद्रमा उनमें है, इसलिए चंद्रबल आपके साथ है। यही हिस्सा सबसे तेज़ी से बदलता है। यह बुध 21:57 पर बदलेगा।

6 ग्रह गिने जाते, पर हर एक के जोड़ीदार भाव में कोई दूसरा ग्रह खड़ा है — परंपरा कहती है कि वही फल रोक लेता है।

यह गोचर को आँकता है, आपको नहीं। यह केवल ग्रहों की स्थिति की गिनती है, और यह नहीं बताता कि आपका दिन कैसा जाएगा।

राशि स्वामी

मंगल · कर्क

सूर्य प्रवेश

57 दिन में

अगला वार्षिक गोचर

तिथि

Shukla Paksha · Dashami

पूर्णिमा से पहले का चंद्र · चंद्र मकर में

01 · आज एक नज़र में

समग्र स्थिति

वृश्चिक से गिनकर, प्रत्येक क्षेत्र को दर्शाने वाले भावों में इस समय कौन-सा ग्रह वास्तव में खड़ा है।

करियर और काम
सहज रहेगा

जो चाहिए, वह माँगिए

केतु आपके दसवें भाव में है — परंपरा इस भाव को इनसे जोड़ती है: कार्य, प्रतिष्ठा और जो संसार देखता है। दिखने, अपनी बात रखने, और जिस काम के आसपास आप घूम रहे हैं उसे शुरू करने के लिए ठीक समय।

यहाँ अनुकूल ग्रह: 1 में से 1पूर्ण · 100%

केतु · दसवें भाव

पैसा और वित्त
सहज रहेगा

देखने के लिए अच्छा समय

सूर्य आपके ग्यारहवें भाव में है — परंपरा इस भाव को इनसे जोड़ती है: लाभ, मित्र और व्यापक संपर्क। यह किसी ख़ास निर्णय का नहीं, बल्कि आय-व्यय पर नज़र डालने का स्थिर समय है।

यह वित्तीय सलाह नहीं है। न कोई रक़म, न दिशा, न तारीख़।

यहाँ अनुकूल ग्रह: 3 में से 1आंशिक · 33%

सूर्य · ग्यारहवें भाव

प्रेम और रिश्ते
ध्यान रखिए

कठिन बात नरमी से कहिए

शनि आपके पाँचवें भाव में है — परंपरा इस भाव को इनसे जोड़ती है: संतान, विद्या और जो आप रचते हैं। इसे दूरी नहीं, टकराव माना जाता है: बात को घुमाने के बजाय सीधे कहिए, और सामने वाले को पूरी बात कहने दीजिए।

यहाँ अनुकूल ग्रह: 1 में से 0शून्य · 0%

शनि · पाँचवें भाव

परिवार और घर
ध्यान रखिए

घर में शांति रहने दीजिए

राहु आपके चौथे भाव में है — परंपरा इस भाव को इनसे जोड़ती है: घर, माता और मन की शांति। इसे दुखी नहीं, अस्थिर माना जाता है। पुरानी बहस दोबारा छेड़ने का दिन नहीं है।

यहाँ अनुकूल ग्रह: 1 में से 0शून्य · 0%

राहु · चौथे भाव

आज क्या करें

  • जो चाहिए, वह माँगिए

    सूर्य को अधिकार और दिखने का कारक माना जाता है। दोस्त और आमदनी के बारे में अपनी बात रखने का अच्छा दिन — जो चाहिए वह माँगिए, और जो किया है वह लोगों को बताइए।

    सूर्य · ग्यारहवें भाव

आज किससे बचें

  • दो दिन रुक जाइए

    चंद्र यहाँ भावनाओं के गरम रहने का संकेत है। भाई-बहन और छोटी यात्राएँ को लेकर आज सब कुछ ज़रूरत से बड़ा लगेगा। अभी कुछ तय करने की ज़रूरत नहीं — चंद्र दो दिन में आगे बढ़ जाता है।

    चंद्र · तीसरे भाव

  • योजना में समय जोड़िए

    शनि देरी और भार का संकेत देता है। बच्चे और पढ़ाई में आज आपकी योजना से ज़्यादा समय लगेगा। उससे लड़ने के बजाय अतिरिक्त समय जोड़ लीजिए।

    शनि · पाँचवें भाव

  • योजना छोटी रखिए

    गुरु चीज़ों को बड़ा करता है — ख़र्च समेत। यात्रा और सीखना की योजनाएँ उतनी ही रखिए जितनी आप बिना मदद के सँभाल सकें।

    गुरु · नौवें भाव

  • बहस टाल दीजिए

    मंगल यहाँ टकराव पढ़ा जाता है। यात्रा और सीखना को लेकर आज बहस आसानी से शुरू होती है। जो आप जीत भी जाएँगे, वह भी उससे महँगी पड़ेगी।

    मंगल · नौवें भाव

आज का मंत्र

108 बार जप

वृश्चिक के स्वामी मंगल को परंपरा जो बीज मंत्र देती है।

ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः

oṁ krāṁ krīṁ krauṁ saḥ bhaumāya namaḥ

यह इसलिए दिया गया है कि शास्त्र इसे बताते हैं, किसी उपाय के रूप में नहीं। यह साइट उपाय नहीं बेचती, और यह दावा नहीं करती कि मंत्र से आकाश की स्थिति बदलती है।

02 · गणना

गणना

वैदिक · निरयन

हर ग्रह, वृश्चिक से उसका भाव, और शास्त्रीय गोचर तालिका उस पर क्या कहती है। ऊपर के कार्ड इसी गणना से बने हैं।

ग्रहआपसे भावगोचर मेंगोचर
सूर्यग्यारहवेंKanya 4°अनुकूल
चंद्रतीसरेMakara 0°वेध मेंआपके नौवें भाव में मंगल इसे रोक रहा है
बुधग्यारहवेंKanya 22°वेध मेंआपके बारहवें भाव में शुक्र इसे रोक रहा है
शुक्रबारहवेंTula 11°वेध मेंआपके तीसरे भाव में चंद्र इसे रोक रहा है
मंगलनौवेंKarka 1°प्रतिकूल
गुरुनौवेंKarka 23°वेध मेंआपके दसवें भाव में केतु इसे रोक रहा है
शनिपाँचवेंMeena 18°प्रतिकूल
राहुचौथेKumbha 4°प्रतिकूल
केतुदसवेंSimha 4°अनुकूल

कुछ अनुकूल स्थितियाँ क्यों नहीं गिनी जातीं

शास्त्रीय तालिका का दूसरा आधा हिस्सा भी है। जिस भाव को तालिका अच्छा कहती है, वहाँ बैठा ग्रह भी फल नहीं देता अगर जोड़ीदार भाव में कोई दूसरा ग्रह हो — इसे वेध कहते हैं। शनि आपके तीसरे भाव में अनुकूल है, पर तब नहीं जब बारहवें में कोई ग्रह खड़ा हो। यह गणना नौ ग्रहों पर यही जोड़ी लगाती है।

एक और नियम है, विपरीत वेध, जिसमें वेध किसी कठिन स्थिति को काट देता है। ग्रंथ इसे तालिका के रूप में नहीं, सिद्धांत के रूप में कहते हैं। स्रोत किसी एक तालिका पर सहमत नहीं हैं, इसलिए हम इसे यहाँ नहीं गिनते।

यह आकाश है, आपकी कुंडली नहीं

ऊपर लिखी हर बात इस राशि वाले सभी लोगों के लिए सच है। इसे आपका बनाती है वह स्थिति जहाँ ये ग्रह आपके जन्म के समय थे — और उसके लिए आपकी तिथि, समय और स्थान चाहिए।

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