शास्त्रीय गोचर तालिका आज के बारे में क्या कहती है
तुला से आज 9 में से 3 ग्रह आपके पक्ष में गिने जाते हैं। चंद्रमा उनमें नहीं है, इसलिए आज चंद्रबल नहीं है। यही हिस्सा सबसे तेज़ी से बदलता है। यह बुध 21:57 पर बदलेगा।
4 ग्रह गिने जाते, पर हर एक के जोड़ीदार भाव में कोई दूसरा ग्रह खड़ा है — परंपरा कहती है कि वही फल रोक लेता है।
यह गोचर को आँकता है, आपको नहीं। यह केवल ग्रहों की स्थिति की गिनती है, और यह नहीं बताता कि आपका दिन कैसा जाएगा।
राशि स्वामी
♀शुक्र · तुला
11°
सूर्य प्रवेश
☉27 दिन में
अगला वार्षिक गोचर
तिथि
☽Shukla Paksha · Dashami
पूर्णिमा से पहले का चंद्र · चंद्र मकर में
01 · आज एक नज़र में
समग्र स्थिति
तुला से गिनकर, प्रत्येक क्षेत्र को दर्शाने वाले भावों में इस समय कौन-सा ग्रह वास्तव में खड़ा है।
जो चाहिए, वह माँगिए
शनि आपके छठे भाव में है — परंपरा इस भाव को इनसे जोड़ती है: दैनिक कार्य, दिनचर्या, रोग और ऋण। दिखने, अपनी बात रखने, और जिस काम के आसपास आप घूम रहे हैं उसे शुरू करने के लिए ठीक समय।
शनि · छठे भाव
ख़र्च पर नज़र रखिए
सूर्य आपके बारहवें भाव में है — परंपरा इस भाव को इनसे जोड़ती है: व्यय, विश्राम, त्याग और विदेश-वास। ग़ैर-ज़रूरी ख़र्च पर रुककर सोचना और यह देखना कि क्या-क्या अपने-आप कट रहा है, ठीक रहेगा — इसलिए नहीं कि कुछ आने वाला है, बल्कि इसलिए कि ध्यान देना सस्ता पड़ता है।
यह वित्तीय सलाह नहीं है। न कोई रक़म, न दिशा, न तारीख़।
सूर्य · बारहवें भाव
कठिन बात नरमी से कहिए
राहु आपके पाँचवें भाव में है — परंपरा इस भाव को इनसे जोड़ती है: संतान, विद्या और जो आप रचते हैं। इसे दूरी नहीं, टकराव माना जाता है: बात को घुमाने के बजाय सीधे कहिए, और सामने वाले को पूरी बात कहने दीजिए।
राहु · पाँचवें भाव
ऊर्जा साथ है
शनि आपके छठे भाव में है — परंपरा इस भाव को इनसे जोड़ती है: दैनिक कार्य, दिनचर्या, रोग और ऋण। ऐसी दिनचर्या बनाने के लिए ठीक समय जिसे आप निभा सकें — नींद, चलना-फिरना, समय पर भोजन।
यह चिकित्सकीय सलाह नहीं है। कुछ ठीक न लगे तो डॉक्टर को दिखाइए — यह रुकने का कारण कभी नहीं है।
शनि · छठे भाव
घर में शांति रहने दीजिए
चंद्र आपके चौथे भाव में है — परंपरा इस भाव को इनसे जोड़ती है: घर, माता और मन की शांति। इसे दुखी नहीं, अस्थिर माना जाता है। पुरानी बहस दोबारा छेड़ने का दिन नहीं है।
चंद्र · चौथे भाव
आज क्या करें
बिना चमक वाला काम कीजिए
शनि को धैर्य और परिश्रम का कारक माना जाता है, और वह बारह में से केवल तीन भावों में अनुकूल है — यह उनमें से एक है। काम और सेहत पर धीमा, साधारण काम आज जुड़ता है।
शनि · छठे भाव
शुरू कीजिए, योजना मत बनाइए
मंगल को ऊर्जा का कारक माना जाता है। नौकरी और प्रतिष्ठा पर आज लगाया गया परिश्रम सामान्य से आगे जाता है। तैयारी में दिन बिताने के बजाय काम शुरू कीजिए।
मंगल · दसवें भाव
आज किससे बचें
दो दिन रुक जाइए
चंद्र यहाँ भावनाओं के गरम रहने का संकेत है। घर और परिवार को लेकर आज सब कुछ ज़रूरत से बड़ा लगेगा। अभी कुछ तय करने की ज़रूरत नहीं — चंद्र दो दिन में आगे बढ़ जाता है।
चंद्र · चौथे भाव
योजना छोटी रखिए
गुरु चीज़ों को बड़ा करता है — ख़र्च समेत। नौकरी और प्रतिष्ठा की योजनाएँ उतनी ही रखिए जितनी आप बिना मदद के सँभाल सकें।
गुरु · दसवें भाव
किसी और को सही होने दीजिए
सूर्य यहाँ किसी और के अधिकार से टकराव पढ़ा जाता है। आराम और ख़र्च पर आज ज़ोर लगाएँगे तो विरोध मिलेगा। पीछे हट जाइए, कुछ नहीं जाएगा।
सूर्य · बारहवें भाव
आज का मंत्र
तुला के स्वामी शुक्र को परंपरा जो बीज मंत्र देती है।
ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः
oṁ drāṁ drīṁ drauṁ saḥ śukrāya namaḥ
यह इसलिए दिया गया है कि शास्त्र इसे बताते हैं, किसी उपाय के रूप में नहीं। यह साइट उपाय नहीं बेचती, और यह दावा नहीं करती कि मंत्र से आकाश की स्थिति बदलती है।
02 · गणना
गणना
वैदिक · निरयन
हर ग्रह, तुला से उसका भाव, और शास्त्रीय गोचर तालिका उस पर क्या कहती है। ऊपर के कार्ड इसी गणना से बने हैं।
| ग्रह | आपसे भाव | गोचर में | गोचर |
|---|---|---|---|
| सूर्य | बारहवें | Kanya 4° | प्रतिकूल |
| चंद्र | चौथे | Makara 0° | प्रतिकूल |
| बुध | बारहवें | Kanya 22° | प्रतिकूल |
| शुक्र | पहले | Tula 11° | अनुकूल |
| मंगल | दसवें | Karka 1° | अनुकूल |
| गुरु | दसवें | Karka 23° | प्रतिकूल |
| शनि℞ | छठे | Meena 18° | अनुकूल |
| राहु℞ | पाँचवें | Kumbha 4° | प्रतिकूल |
| केतु℞ | ग्यारहवें | Simha 4° | वेध मेंआपके पाँचवें भाव में राहु इसे रोक रहा है |
कुछ अनुकूल स्थितियाँ क्यों नहीं गिनी जातीं
शास्त्रीय तालिका का दूसरा आधा हिस्सा भी है। जिस भाव को तालिका अच्छा कहती है, वहाँ बैठा ग्रह भी फल नहीं देता अगर जोड़ीदार भाव में कोई दूसरा ग्रह हो — इसे वेध कहते हैं। शनि आपके तीसरे भाव में अनुकूल है, पर तब नहीं जब बारहवें में कोई ग्रह खड़ा हो। यह गणना नौ ग्रहों पर यही जोड़ी लगाती है।
एक और नियम है, विपरीत वेध, जिसमें वेध किसी कठिन स्थिति को काट देता है। ग्रंथ इसे तालिका के रूप में नहीं, सिद्धांत के रूप में कहते हैं। स्रोत किसी एक तालिका पर सहमत नहीं हैं, इसलिए हम इसे यहाँ नहीं गिनते।
यह आकाश है, आपकी कुंडली नहीं
ऊपर लिखी हर बात इस राशि वाले सभी लोगों के लिए सच है। इसे आपका बनाती है वह स्थिति जहाँ ये ग्रह आपके जन्म के समय थे — और उसके लिए आपकी तिथि, समय और स्थान चाहिए।