मिथुन·Gemini

मिथुन आज

20 सितंबर 2026

  • तत्ववायु
  • गुणद्विस्वभाव
  • स्वामीबुध
  • अंश60°–90°

शास्त्रीय गोचर तालिका आज के बारे में क्या कहती है

2/9 ग्रह अनुकूल
कठिन
आंशिक · 22%

मिथुन से आज 9 में से 2 ग्रह आपके पक्ष में गिने जाते हैं। चंद्रमा उनमें है, इसलिए चंद्रबल आपके साथ है। यही हिस्सा सबसे तेज़ी से बदलता है। यह सोम 11:14 पर बदलेगा।

5 ग्रह गिने जाते, पर हर एक के जोड़ीदार भाव में कोई दूसरा ग्रह खड़ा है — परंपरा कहती है कि वही फल रोक लेता है।

यह गोचर को आँकता है, आपको नहीं। यह केवल ग्रहों की स्थिति की गिनती है, और यह नहीं बताता कि आपका दिन कैसा जाएगा।

राशि स्वामी

बुध · कन्या

21°

सूर्य प्रवेश

269 दिन में

अगला वार्षिक गोचर

तिथि

Shukla Paksha · Dashami

पूर्णिमा से पहले का चंद्र · चंद्र धनु में

01 · आज एक नज़र में

समग्र स्थिति

मिथुन से गिनकर, प्रत्येक क्षेत्र को दर्शाने वाले भावों में इस समय कौन-सा ग्रह वास्तव में खड़ा है।

करियर और काम
ध्यान रखिए

बिना चमक वाला काम कीजिए

शनि आपके दसवें भाव में है — परंपरा इस भाव को इनसे जोड़ती है: कार्य, प्रतिष्ठा और जो संसार देखता है। इसे रुकावट नहीं, गति मानिए — आज महत्वाकांक्षी काम से ज़्यादा दूर स्थिर और साधारण काम जाता है।

यहाँ अनुकूल ग्रह: 1 में से 0शून्य · 0%

शनि · दसवें भाव

पैसा और वित्त
सहज रहेगा

देखने के लिए अच्छा समय

गुरु आपके दूसरे भाव में है — परंपरा इस भाव को इनसे जोड़ती है: धन, वाणी और वह परिवार जिसमें आप जन्मे। यह किसी ख़ास निर्णय का नहीं, बल्कि आय-व्यय पर नज़र डालने का स्थिर समय है।

यह वित्तीय सलाह नहीं है। न कोई रक़म, न दिशा, न तारीख़।

यहाँ अनुकूल ग्रह: 2 में से 1आधे · 50%

गुरु · दूसरे भाव

प्रेम और रिश्ते
ध्यान रखिए

कठिन बात नरमी से कहिए

चंद्र आपके सातवें भाव में है — परंपरा इस भाव को इनसे जोड़ती है: जीवनसाथी, विवाह और हर वह व्यक्ति जिससे आप आमने-सामने व्यवहार करते हैं। इसे दूरी नहीं, टकराव माना जाता है: बात को घुमाने के बजाय सीधे कहिए, और सामने वाले को पूरी बात कहने दीजिए।

यहाँ अनुकूल ग्रह: 2 में से 0शून्य · 0%

चंद्र · सातवें भाव

परिवार और घर
ध्यान रखिए

घर में शांति रहने दीजिए

सूर्य आपके चौथे भाव में है — परंपरा इस भाव को इनसे जोड़ती है: घर, माता और मन की शांति। इसे दुखी नहीं, अस्थिर माना जाता है। पुरानी बहस दोबारा छेड़ने का दिन नहीं है।

यहाँ अनुकूल ग्रह: 2 में से 0शून्य · 0%

सूर्य · चौथे भाव

आज क्या करें

  • सिखाने और सलाह देने का दिन

    गुरु को वृद्धि और अच्छी सलाह का कारक माना जाता है, और वह पैसा और परिवार के पक्ष में है। सिखाने, सलाह देने, या ऐसा कुछ शुरू करने का स्थिर दिन जिसे धीरे-धीरे बढ़ाना है।

    गुरु · दूसरे भाव

आज किससे बचें

  • दो दिन रुक जाइए

    चंद्र यहाँ भावनाओं के गरम रहने का संकेत है। आपका साथी को लेकर आज सब कुछ ज़रूरत से बड़ा लगेगा। अभी कुछ तय करने की ज़रूरत नहीं — चंद्र दो दिन में आगे बढ़ जाता है।

    चंद्र · सातवें भाव

  • योजना में समय जोड़िए

    शनि देरी और भार का संकेत देता है। नौकरी और प्रतिष्ठा में आज आपकी योजना से ज़्यादा समय लगेगा। उससे लड़ने के बजाय अतिरिक्त समय जोड़ लीजिए।

    शनि · दसवें भाव

  • बहस टाल दीजिए

    मंगल यहाँ टकराव पढ़ा जाता है। पैसा और परिवार को लेकर आज बहस आसानी से शुरू होती है। जो आप जीत भी जाएँगे, वह भी उससे महँगी पड़ेगी।

    मंगल · दूसरे भाव

  • किसी और को सही होने दीजिए

    सूर्य यहाँ किसी और के अधिकार से टकराव पढ़ा जाता है। घर और परिवार पर आज ज़ोर लगाएँगे तो विरोध मिलेगा। पीछे हट जाइए, कुछ नहीं जाएगा।

    सूर्य · चौथे भाव

आज का मंत्र

108 बार जप

मिथुन के स्वामी बुध को परंपरा जो बीज मंत्र देती है।

ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः

oṁ brāṁ brīṁ brauṁ saḥ budhāya namaḥ

यह इसलिए दिया गया है कि शास्त्र इसे बताते हैं, किसी उपाय के रूप में नहीं। यह साइट उपाय नहीं बेचती, और यह दावा नहीं करती कि मंत्र से आकाश की स्थिति बदलती है।

02 · गणना

गणना

वैदिक · निरयन

हर ग्रह, मिथुन से उसका भाव, और शास्त्रीय गोचर तालिका उस पर क्या कहती है। ऊपर के कार्ड इसी गणना से बने हैं।

ग्रहआपसे भावगोचर मेंगोचर
सूर्यचौथेKanya 3°प्रतिकूल
चंद्रसातवेंDhanu 21°वेध मेंआपके दूसरे भाव में मंगल इसे रोक रहा है
बुधचौथेKanya 21°वेध मेंआपके तीसरे भाव में केतु इसे रोक रहा है
शुक्रपाँचवेंTula 11°वेध मेंआपके नौवें भाव में राहु इसे रोक रहा है
मंगलदूसरेKarka 1°प्रतिकूल
गुरुदूसरेKarka 23°अनुकूल
शनिदसवेंMeena 18°प्रतिकूल
राहुनौवेंKumbha 4°प्रतिकूल
केतुतीसरेSimha 4°अनुकूल

कुछ अनुकूल स्थितियाँ क्यों नहीं गिनी जातीं

शास्त्रीय तालिका का दूसरा आधा हिस्सा भी है। जिस भाव को तालिका अच्छा कहती है, वहाँ बैठा ग्रह भी फल नहीं देता अगर जोड़ीदार भाव में कोई दूसरा ग्रह हो — इसे वेध कहते हैं। शनि आपके तीसरे भाव में अनुकूल है, पर तब नहीं जब बारहवें में कोई ग्रह खड़ा हो। यह गणना नौ ग्रहों पर यही जोड़ी लगाती है।

एक और नियम है, विपरीत वेध, जिसमें वेध किसी कठिन स्थिति को काट देता है। ग्रंथ इसे तालिका के रूप में नहीं, सिद्धांत के रूप में कहते हैं। स्रोत किसी एक तालिका पर सहमत नहीं हैं, इसलिए हम इसे यहाँ नहीं गिनते।

यह आकाश है, आपकी कुंडली नहीं

ऊपर लिखी हर बात इस राशि वाले सभी लोगों के लिए सच है। इसे आपका बनाती है वह स्थिति जहाँ ये ग्रह आपके जन्म के समय थे — और उसके लिए आपकी तिथि, समय और स्थान चाहिए।

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