कन्या·Virgo

कन्या आज

🗓️ 9 सितंबर 2026

  • तत्वपृथ्वी
  • गुणद्विस्वभाव
  • स्वामीबुध
  • अंश150°–180°

शास्त्रीय गोचर तालिका आज के बारे में क्या कहती है

3/9 ग्रह अनुकूल
कठिन
आंशिक · 33%

कन्या से आज 9 में से 3 ग्रह आपके पक्ष में गिने जाते हैं। चंद्रमा उनमें नहीं है, इसलिए आज चंद्रबल नहीं है। यही हिस्सा सबसे तेज़ी से बदलता है। यह शुक्र 19:08 पर बदलेगा।

⚠️ 4 ग्रह गिने जाते, पर हर एक के जोड़ीदार भाव में कोई दूसरा ग्रह खड़ा है — परंपरा कहती है कि वही फल रोक लेता है।

यह गोचर को आँकता है, आपको नहीं। यह केवल ग्रहों की स्थिति की गिनती है, और यह नहीं बताता कि आपका दिन कैसा जाएगा।

राशि स्वामी

बुध · कन्या

सूर्य प्रवेश

8 दिन में

अगला वार्षिक गोचर

तिथि

Krishna Paksha · Chaturdashi

घटता हुआ चंद्र · चंद्र सिंह में

01 · आज एक नज़र में

समग्र स्थिति

कन्या से गिनकर, प्रत्येक क्षेत्र को दर्शाने वाले भावों में इस समय कौन-सा ग्रह वास्तव में खड़ा है।

करियर और काम
सहज रहेगा

जो चाहिए, वह माँगिए

मंगल आपके दसवें भाव में है — परंपरा इस भाव को इनसे जोड़ती है: कार्य, प्रतिष्ठा और जो संसार देखता है। दिखने, अपनी बात रखने, और जिस काम के आसपास आप घूम रहे हैं उसे शुरू करने के लिए ठीक समय।

यहाँ अनुकूल ग्रह: 2 में से 2पूर्ण · 100%

मंगल · दसवें भाव

पैसा और वित्त
ध्यान रखिए

ख़र्च पर नज़र रखिए

चंद्र आपके बारहवें भाव में है — परंपरा इस भाव को इनसे जोड़ती है: व्यय, विश्राम, त्याग और विदेश-वास। ग़ैर-ज़रूरी ख़र्च पर रुककर सोचना और यह देखना कि क्या-क्या अपने-आप कट रहा है, ठीक रहेगा — इसलिए नहीं कि कुछ आने वाला है, बल्कि इसलिए कि ध्यान देना सस्ता पड़ता है।

⚠️ यह वित्तीय सलाह नहीं है। न कोई रक़म, न दिशा, न तारीख़।

यहाँ अनुकूल ग्रह: 5 में से 1आंशिक · 20%

चंद्र · बारहवें भाव

प्रेम और रिश्ते
ध्यान रखिए

कठिन बात नरमी से कहिए

शनि आपके सातवें भाव में है — परंपरा इस भाव को इनसे जोड़ती है: जीवनसाथी, विवाह और हर वह व्यक्ति जिससे आप आमने-सामने व्यवहार करते हैं। इसे दूरी नहीं, टकराव माना जाता है: बात को घुमाने के बजाय सीधे कहिए, और सामने वाले को पूरी बात कहने दीजिए।

यहाँ अनुकूल ग्रह: 1 में से 0शून्य · 0%

शनि · सातवें भाव

सेहत और ऊर्जा
सहज रहेगा

ऊर्जा साथ है

राहु आपके छठे भाव में है — परंपरा इस भाव को इनसे जोड़ती है: दैनिक कार्य, दिनचर्या, रोग और ऋण। ऐसी दिनचर्या बनाने के लिए ठीक समय जिसे आप निभा सकें — नींद, चलना-फिरना, समय पर भोजन।

⚠️ यह चिकित्सकीय सलाह नहीं है। कुछ ठीक न लगे तो डॉक्टर को दिखाइए — यह रुकने का कारण कभी नहीं है।

यहाँ अनुकूल ग्रह: 2 में से 1आधे · 50%

राहु · छठे भाव

आज क्या करें

  • सिखाने और सलाह देने का दिन

    गुरु को वृद्धि और अच्छी सलाह का कारक माना जाता है, और वह दोस्त और आमदनी के पक्ष में है। सिखाने, सलाह देने, या ऐसा कुछ शुरू करने का स्थिर दिन जिसे धीरे-धीरे बढ़ाना है।

    गुरु · ग्यारहवें भाव

  • शुरू कीजिए, योजना मत बनाइए

    मंगल को ऊर्जा का कारक माना जाता है। नौकरी और प्रतिष्ठा पर आज लगाया गया परिश्रम सामान्य से आगे जाता है। तैयारी में दिन बिताने के बजाय काम शुरू कीजिए।

    मंगल · दसवें भाव

आज किससे बचें

  • दो दिन रुक जाइए

    चंद्र यहाँ भावनाओं के गरम रहने का संकेत है। आराम और ख़र्च को लेकर आज सब कुछ ज़रूरत से बड़ा लगेगा। अभी कुछ तय करने की ज़रूरत नहीं — चंद्र दो दिन में आगे बढ़ जाता है।

    चंद्र · बारहवें भाव

  • योजना में समय जोड़िए

    शनि देरी और भार का संकेत देता है। आपका साथी में आज आपकी योजना से ज़्यादा समय लगेगा। उससे लड़ने के बजाय अतिरिक्त समय जोड़ लीजिए।

    शनि · सातवें भाव

  • किसी और को सही होने दीजिए

    सूर्य यहाँ किसी और के अधिकार से टकराव पढ़ा जाता है। आराम और ख़र्च पर आज ज़ोर लगाएँगे तो विरोध मिलेगा। पीछे हट जाइए, कुछ नहीं जाएगा।

    सूर्य · बारहवें भाव

🕉️

आज का मंत्र

108 बार जप

कन्या के स्वामी बुध को परंपरा जो बीज मंत्र देती है।

ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः

oṁ brāṁ brīṁ brauṁ saḥ budhāya namaḥ

यह इसलिए दिया गया है कि शास्त्र इसे बताते हैं, किसी उपाय के रूप में नहीं। यह साइट उपाय नहीं बेचती, और यह दावा नहीं करती कि मंत्र से आकाश की स्थिति बदलती है।

02 · गणना

गणना

वैदिक · निरयन

हर ग्रह, कन्या से उसका भाव, और शास्त्रीय गोचर तालिका उस पर क्या कहती है। ऊपर के कार्ड इसी गणना से बने हैं।

ग्रहआपसे भावगोचर मेंगोचर
सूर्यबारहवेंSimha 22°प्रतिकूल
चंद्रबारहवेंSimha प्रतिकूल
बुधपहलेKanya प्रतिकूल
शुक्रदूसरेTula वेध मेंआपके सातवें भाव में शनि इसे रोक रहा है
मंगलदसवेंMithuna 24°अनुकूल
गुरुग्यारहवेंKarka 21°अनुकूल
शनिसातवेंMeena 18°प्रतिकूल
राहुछठेKumbha अनुकूल
केतुबारहवेंSimha प्रतिकूल

कुछ अनुकूल स्थितियाँ क्यों नहीं गिनी जातीं

शास्त्रीय तालिका का दूसरा आधा हिस्सा भी है। जिस भाव को तालिका अच्छा कहती है, वहाँ बैठा ग्रह भी फल नहीं देता अगर जोड़ीदार भाव में कोई दूसरा ग्रह हो — इसे वेध कहते हैं। शनि आपके तीसरे भाव में अनुकूल है, पर तब नहीं जब बारहवें में कोई ग्रह खड़ा हो। यह गणना नौ ग्रहों पर यही जोड़ी लगाती है।

एक और नियम है, विपरीत वेध, जिसमें वेध किसी कठिन स्थिति को काट देता है। ग्रंथ इसे तालिका के रूप में नहीं, सिद्धांत के रूप में कहते हैं। स्रोत किसी एक तालिका पर सहमत नहीं हैं, इसलिए हम इसे यहाँ नहीं गिनते।

यह आकाश है, आपकी कुंडली नहीं

ऊपर लिखी हर बात इस राशि वाले सभी लोगों के लिए सच है। इसे आपका बनाती है वह स्थिति जहाँ ये ग्रह आपके जन्म के समय थे — और उसके लिए आपकी तिथि, समय और स्थान चाहिए।

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