शास्त्रीय गोचर तालिका आज के बारे में क्या कहती है
मेष से आज 9 में से 1 ग्रह आपके पक्ष में गिने जाते हैं। चंद्रमा उनमें नहीं है, इसलिए आज चंद्रबल नहीं है। यही हिस्सा सबसे तेज़ी से बदलता है। यह बुध 15:14 पर बदलेगा।
⚠️ 3 ग्रह गिने जाते, पर हर एक के जोड़ीदार भाव में कोई दूसरा ग्रह खड़ा है — परंपरा कहती है कि वही फल रोक लेता है।
यह गोचर को आँकता है, आपको नहीं। यह केवल ग्रहों की स्थिति की गिनती है, और यह नहीं बताता कि आपका दिन कैसा जाएगा।
राशि स्वामी
♂मंगल · मिथुन
23°
सूर्य प्रवेश
☉219 दिन में
अगला वार्षिक गोचर
तिथि
☽Krishna Paksha · Dwadashi
घटता हुआ चंद्र · चंद्र कर्क में
01 · आज एक नज़र में
समग्र स्थिति
मेष से गिनकर, प्रत्येक क्षेत्र को दर्शाने वाले भावों में इस समय कौन-सा ग्रह वास्तव में खड़ा है।
जो चाहिए, वह माँगिए
बुध आपके छठे भाव में है — परंपरा इस भाव को इनसे जोड़ती है: दैनिक कार्य, दिनचर्या, रोग और ऋण। दिखने, अपनी बात रखने, और जिस काम के आसपास आप घूम रहे हैं उसे शुरू करने के लिए ठीक समय।
बुध · छठे भाव
ख़र्च पर नज़र रखिए
शनि आपके बारहवें भाव में है — परंपरा इस भाव को इनसे जोड़ती है: व्यय, विश्राम, त्याग और विदेश-वास। ग़ैर-ज़रूरी ख़र्च पर रुककर सोचना और यह देखना कि क्या-क्या अपने-आप कट रहा है, ठीक रहेगा — इसलिए नहीं कि कुछ आने वाला है, बल्कि इसलिए कि ध्यान देना सस्ता पड़ता है।
⚠️ यह वित्तीय सलाह नहीं है। न कोई रक़म, न दिशा, न तारीख़।
शनि · बारहवें भाव
कठिन बात नरमी से कहिए
सूर्य आपके पाँचवें भाव में है — परंपरा इस भाव को इनसे जोड़ती है: संतान, विद्या और जो आप रचते हैं। इसे दूरी नहीं, टकराव माना जाता है: बात को घुमाने के बजाय सीधे कहिए, और सामने वाले को पूरी बात कहने दीजिए।
सूर्य · पाँचवें भाव
ऊर्जा साथ है
बुध आपके छठे भाव में है — परंपरा इस भाव को इनसे जोड़ती है: दैनिक कार्य, दिनचर्या, रोग और ऋण। ऐसी दिनचर्या बनाने के लिए ठीक समय जिसे आप निभा सकें — नींद, चलना-फिरना, समय पर भोजन।
⚠️ यह चिकित्सकीय सलाह नहीं है। कुछ ठीक न लगे तो डॉक्टर को दिखाइए — यह रुकने का कारण कभी नहीं है।
बुध · छठे भाव
घर में शांति रहने दीजिए
चंद्र आपके चौथे भाव में है — परंपरा इस भाव को इनसे जोड़ती है: घर, माता और मन की शांति। इसे दुखी नहीं, अस्थिर माना जाता है। पुरानी बहस दोबारा छेड़ने का दिन नहीं है।
चंद्र · चौथे भाव
आज क्या करें
आज मेष से शास्त्रीय तालिका द्वारा आँका गया कोई ग्रह अनुकूल स्थिति में नहीं है।
आज किससे बचें
दो दिन रुक जाइए
चंद्र यहाँ भावनाओं के गरम रहने का संकेत है। घर और परिवार को लेकर आज सब कुछ ज़रूरत से बड़ा लगेगा। अभी कुछ तय करने की ज़रूरत नहीं — चंद्र दो दिन में आगे बढ़ जाता है।
☽चंद्र · चौथे भाव
योजना में समय जोड़िए
शनि देरी और भार का संकेत देता है। आराम और ख़र्च में आज आपकी योजना से ज़्यादा समय लगेगा। उससे लड़ने के बजाय अतिरिक्त समय जोड़ लीजिए।
♄शनि · बारहवें भाव
योजना छोटी रखिए
गुरु चीज़ों को बड़ा करता है — ख़र्च समेत। घर और परिवार की योजनाएँ उतनी ही रखिए जितनी आप बिना मदद के सँभाल सकें।
♃गुरु · चौथे भाव
बहस टाल दीजिए
मंगल यहाँ टकराव पढ़ा जाता है। भाई-बहन और छोटी यात्राएँ को लेकर आज बहस आसानी से शुरू होती है। जो आप जीत भी जाएँगे, वह भी उससे महँगी पड़ेगी।
♂मंगल · तीसरे भाव
किसी और को सही होने दीजिए
सूर्य यहाँ किसी और के अधिकार से टकराव पढ़ा जाता है। बच्चे और पढ़ाई पर आज ज़ोर लगाएँगे तो विरोध मिलेगा। पीछे हट जाइए, कुछ नहीं जाएगा।
☉सूर्य · पाँचवें भाव
आज का मंत्र
मेष के स्वामी मंगल को परंपरा जो बीज मंत्र देती है।
ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः
oṁ krāṁ krīṁ krauṁ saḥ bhaumāya namaḥ
यह इसलिए दिया गया है कि शास्त्र इसे बताते हैं, किसी उपाय के रूप में नहीं। यह साइट उपाय नहीं बेचती, और यह दावा नहीं करती कि मंत्र से आकाश की स्थिति बदलती है।
02 · गणना
गणना
वैदिक · निरयन
हर ग्रह, मेष से उसका भाव, और शास्त्रीय गोचर तालिका उस पर क्या कहती है। ऊपर के कार्ड इसी गणना से बने हैं।
| ग्रह | आपसे भाव | गोचर में | गोचर |
|---|---|---|---|
| ☉सूर्य | पाँचवें | Simha 21° | प्रतिकूल |
| ☽चंद्र | चौथे | Karka 12° | प्रतिकूल |
| ☿बुध | छठे | Kanya 1° | अनुकूल |
| ♀शुक्र | सातवें | Tula 4° | प्रतिकूल |
| ♂मंगल | तीसरे | Mithuna 23° | वेध मेंआपके बारहवें भाव में शनि इसे रोक रहा है |
| ♃गुरु | चौथे | Karka 20° | प्रतिकूल |
| ♄शनि℞ | बारहवें | Meena 19° | प्रतिकूल |
| ☊राहु℞ | ग्यारहवें | Kumbha 4° | वेध मेंआपके पाँचवें भाव में सूर्य इसे रोक रहा है |
| ☋केतु℞ | पाँचवें | Simha 4° | प्रतिकूल |
कुछ अनुकूल स्थितियाँ क्यों नहीं गिनी जातीं
शास्त्रीय तालिका का दूसरा आधा हिस्सा भी है। जिस भाव को तालिका अच्छा कहती है, वहाँ बैठा ग्रह भी फल नहीं देता अगर जोड़ीदार भाव में कोई दूसरा ग्रह हो — इसे वेध कहते हैं। शनि आपके तीसरे भाव में अनुकूल है, पर तब नहीं जब बारहवें में कोई ग्रह खड़ा हो। यह गणना नौ ग्रहों पर यही जोड़ी लगाती है।
एक और नियम है, विपरीत वेध, जिसमें वेध किसी कठिन स्थिति को काट देता है। ग्रंथ इसे तालिका के रूप में नहीं, सिद्धांत के रूप में कहते हैं। स्रोत किसी एक तालिका पर सहमत नहीं हैं, इसलिए हम इसे यहाँ नहीं गिनते।
यह आकाश है, आपकी कुंडली नहीं
ऊपर लिखी हर बात इस राशि वाले सभी लोगों के लिए सच है। इसे आपका बनाती है वह स्थिति जहाँ ये ग्रह आपके जन्म के समय थे — और उसके लिए आपकी तिथि, समय और स्थान चाहिए।